
श्री यमुना महारानी
भजे कलिंद नंदिनीं दूरंत मोह भंजनीम्
यमुना महारानी मंदिर यमुना नदी के तट पर, मथुरा के 25 घाटों में सबसे पवित्र विश्राम घाट पर स्थित है।
इस मंदिर की देखरेख 12 घर आरतीवाले परिवार करता है, जो पीढ़ियों से विश्राम घाट पर यमुना आरती की परंपरा के संरक्षक हैं। यहां प्रतिदिन होने वाली आरती मथुरा के सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक अनुष्ठानों में से एक है, जो वर्षभर हजारों भक्तों को यहां खींचती है।

विश्राम घाट, मथुरा का महत्व

विश्राम घाट - जहाँ भगवान कृष्ण ने विश्राम किया था
विश्राम नाम का अर्थ है विश्राम। पुराणों के अनुसार, यह वही स्थान है जहाँ भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी राजा कंस पर विजय प्राप्त करने के बाद विश्राम किया और यमुना में स्नान किया था।
विश्राम घाट मथुरा का केंद्रीय घाट है, जिसके उत्तर में 12 और दक्षिण में 12 घाट हैं। यह मथुरा परिक्रमा का पारंपरिक आरंभ और समापन बिंदु है, जो शहर के धार्मिक स्थलों की पवित्र परिक्रमा है।

श्री यमुना महारानी की आरती का महत्व
श्री यमुना महारानी की आरती महज एक प्रार्थना नहीं है। यह यमुनाजी को एक जीवित, सर्वोपरि देवी के रूप में सम्मानित करने का एक औपचारिक कार्य है।
पुजारी लयबद्ध वैदिक मंत्रों का जाप करते हैं, जबकि टिमटिमाती तेल की बत्तियों की कई परतों वाले विशाल पीतल के दीयों को एक साथ गोलाकार गति में घुमाया जाता है। हजारों छोटी-छोटी पत्तों की नावों को दीयों के साथ नदी में छोड़ा जाता है।
दीया भक्त की प्रार्थना का प्रतीक है। इसे जल में विसर्जित करना समर्पण का प्रतीक है: आप अपनी प्रार्थना को धारा में विलीन कर देते हैं और नदी उसे अपने साथ बहा ले जाती है। आप यह नियंत्रित नहीं कर सकते कि वह कहाँ जाएगी। यही समर्पण भक्ति का सार है।

मंदिर के खुलने का समय
सुबह की मंगला आरती
विश्राम (मंदिर बंद)
संध्या शयन आरती
सुबह 5 बजे
दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
शाम 7 बजे
सेवाएं
यदि आप श्री यमुना महारानी मंदिर में कोई विशेष पूजा, अनुष्ठान करना चाहते हैं या कोई भेंट चढ़ाना चाहते हैं, तो कृपया संपर्क फ़ॉर्म भरें। हम 4-5 दिनों में आपसे संपर्क करेंगे।
कृपया ध्यान दें कि पूजा-अनुष्ठान के लिए हम आपको अपने परिचित और विश्वसनीय पुजारियों से जोड़ेंगे। समस्त भुगतान भक्त और पुजारी के बीच सीधे होगा। श्री यमुना महारानी मंदिर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भुगतान स्वयं नहीं लेता है।
आरती
हमारे साथ शाम और सुबह के आरती सत्रों में शामिल हों, जहाँ आप ईश्वर से जुड़ सकते हैं और सामुदायिक भावना का अनुभव कर सकते हैं।
सेवा
सेवा कार्यक्रमों में भाग लें। अपना समय और श्रद्धा मंदिर को अर्पित करें। हर छोटा-बड़ा योगदान मंदिर की परंपरा को जीवित रखता है।
कार्यक्रम
वर्षभर के विशेष आयोजनों और त्योहारों की जानकारी प्राप्त करें। यमुना छठ से लेकर भाई दूज तक, हर उत्सव में सम्मिलित हों।
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पता
श्री यमुना महारानी मंदिर,
विश्राम घाट, मथुरा, उत्तर प्रदेश 281001, भारत
संपर्क
+91 9909900612
